Mulethi | Licorice Root 400g
Names: Atimadhura, Atimadhuram, Aslussoos, Asl Al-soos, Bekhe Mehak, Black Sugar, Bois Doux, Clitmak, Glycyrrhiza Glabra Linn, Gemeines, Glycyrrhiza Glabra, Irattimadhuram, Irq Soos, Jetimadhu, Jesthamadh, Jeshthamadha, Jethimadha, Jashtimadhu, Jaishbomadhu, Jethimard, Jethimadhu, Jeshtimadh, Jethimadh, Jeshtamadhu, Liquorice, Lakritze, Licorice, Mulathi, Madhulika, Mulhati, Mulhathi, Madhuka, Mulethi, Multhi, Muleti, Mulaithi, Meethi Lakdi, Madhuka, Soos, Sweet Wood, Yashti-madhu, Yashtimadhukam, Yeshtamadhu, Yestamadu, Yashtimadhu, Yastimadhu, Yastimadhuk
Other Names: Licorice Jadd, Licorice Root, Licorice Root Powder, Mulethi Root, Mulethi Jadd, Mulethi Powder, Sweet Root
Form: Dried Raw Herb, Roots, Powder
Relieves coughs, sore throats, respiratory problems; abdominal pain and hyperacidity.
मुलेठी (Mulethi)
मुलेठी का प्रयोग आयुर्वेद में दवाओं में किया जाता है।
उपयोग:
- मुलेठी की चाय लिवर को स्वस्थ रखने के लिए उपयोग में लिया जाता है। चाय बनाने के लिए, १ कप गरम पानी में मुलेठी पाउडर का आधा चम्मच डालकर 5-10 मिनट के लिए ढके और छान कर पी ले।
- मुलेठी का प्रयोग गले की ख़राश, सर्दी, खाँसी, और दमा का संक्रमण दूर करने के लिए करा जाता है। यह बलगम को निकलता है जिससे खाँसी में आराम मिलता है। इसके अलावा इसके रोगानुशेधी, जीवाणुषेधी और एंटिवाइरल गुण, साँस की बीमारियों और बलगम का कारण होने वाले रोगाणु से लड़ते है।
- साँस की समस्या के समय मुलेठी की चाय पीने से राहत मिलती है। थोड़े से शहद के साथ मुलेठी पाउडर का आधा चम्मच मिश्रित करके लेने से राहत मिलती है।
- मोटापा एक गम्भीर समस्या है। इस जड़ी बूटी में उप्स्थ्तित फलेवोनाइड्स शरीर में अत्यधिक वसा (फेट) को कम करने में मदद करता है।
- मुलेठी गठिया (अर्थराईटस) के राज में भी राहत प्रदान करती है। यह दर्द और सूजन को शांत करने में मदद करती है। इसके लिए मुलेठी की चाय पीए।
- मुलेठी दाँतों और मसूड़ों को मज़बूत और स्वस्थ रखती है। मुलेठी पाउडर का प्रयोग दाँतो को ब्रश करने के लिए करे।
- पेट की समस्याओं के कारण मुँह में छाले हो सकते है, जिसे मुलेठी ठीक करने में मदद करती है। इसका ज़्यादा लाभ पानी या शहद के साथ लेने में होता है।
- यह जड़ी बूटी अवसाद (depression) के इलाज में भी मदद करती है। यह घबराहट को कम करती है। इसकी चाय बना कर प्रयोग कर सकते है।
- पेशाब में जलन होने पर मुलेठी पाउडर दूध के साथ लेने पर आराम मिलता है।
- घाव पर मुलेठी और घी का लेप लगाने से आराम मिलता है।
- फोड़ो पर मुलेठी का लेप करना चाहिए।
- डेंड्रफ होने पर मुलेठी के रस को शेमपू में मिलाकर लगाने से बालों में ओयल कंट्रोल होता है व डेंड्रफ में भी छुटकारा मिलता है।
- दाग़ धबबो से मुक्त त्वचा के लिए मुलेठी पाउडर को खीरे में मिलाकर पेस्ट बना ले। इस पेस्ट को 20 मिमंते तक लगाके रखे। फिर इसे पानी से धो ले। इससे आपकी त्वचा दाग़ धबबो से मुक्त हो जाएगी।
- बालों के झड़ने की समस्या के लिए 1 कप दूध, 0.5 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चम्मच मुलेठी पाउडर को अच्छी तरह मिला ले। रात को सोने से पहले इस मिश्रण से अपने सकेल्प की मसाज करे। रात भर के लिए छोड़ दे। सुभे उठकर सिर धो ले। कुछ ही दिनो में बालों का गिरना कम हो जयेगा। (बालों को कवर भी कर सकते है)
- मुलेठी चेहरे की ख़ूबसूरती बढ़ाने का काम करती है। इसका लेप लगाने से दाग़ और मुँहासे ठीक हो जाते है।
- दूध के साथ मुलेठी का सेवन करने से शरीर की ताक़त में सुधार आता है। इसके अलावा घी व शहद के साथ मुलेठी का प्रयोग करने से हृदय से सम्बंधित समस्याए नहि होती।
- मुँह में छाले हो जाने पर राहत मिलती है। मुलेठी आवाज़ को मधुर व सुरीली बनाने के लिए भी उपयोग की जाती है।
- त्वचा या शरीर में कही जल जाने पर भी मुलेठी पाउडर और मक्खन का लेप एक अचूक उपाय है। साथ ही यह आँखो की रोशनी में भी वृद्दी करता है।
Mulethi, also known as licorice, is also a healthy and useful herb. This wood look herb has anti-inflammatory and antibacterial properties. It is one of the best herbs for oral and dental problems. It also helps get rid of bad breath, which can sometimes cause embarrassment. It is also a healthy ingredient for treating problems such as bloating, flatulence, gas and indigestion. Gastric ulcers can also be cured with the help of Mulethi.
Health Benefits of Mulethi
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Cures digestive disorders.
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Healthy for dental and oral problems.
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It is full of anti-inflammatory and antibacterial effects.
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Reduces skin problems such as redness, eczema, leprosy, itching and swelling.